Fri. Apr 4th, 2025

बुधवार को हुई नगर निगम की वार्षिक बजट की बैठक में 335 करोड़ के बजट को स्वीकृति दे दी गई। बजट पर चर्चा के दौरान पार्षदों ने खर्चों को कम करने और आय बढ़ाने पर अपनी बात रखी। बैठक में पार्षदों ने सफाई का मुद्दा प्रमुखता के साथ उठाया, मेयर किरण जैसल ने भी सफाई को लेकर नाराजगी जतायी।

ऋषिकुल आयुर्वेदिक कॉलेज के ऑडिटोरियम में हुई बोर्ड के दौरान भारी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात रहा। बजट बैठक में पार्षदों की कुछ आपत्तियों के स्वाकीर करते हुए 335 करोड़ के वार्षिक बजट को हरी झंडी दी गई। पार्षदों ने वार्डों की सफाई का मुद्दा उठाया। पार्षदों ने डोर टू डोर कूड़ा उठाने वाली कंपनियों की कार्यशैली पर कड़ी नाराजगी जतायी। पार्षदों ने कहा कि जितनी सफाई कर्मचारियों की संख्या बतायी जाती है उसके अनुसार वार्ड में सफाई नहीं हो रही। मेयर किरण जैसल ने भी सफाई व्यवस्था पर नाराजगी जतायी कहा कि जब तक मैं मौके पर रहती हूं सफाई कर्मचारी दिखायी देते हैं उसके बाद वह गायब हो जाते हैं। बोर्ड बैठक में कांग्रेस पार्षदों ने बजट पर अपने सुझाव रखे।

बैठक में नगर निगम द्वारा 56 करोड़ 39 लाख रुपये से खरीदी गई जमीन पर आपत्ति जतायी गई। पूरे मामले की जांच कर बोर्ड के सामने रखने की मांग की गई। पार्षदों ने शहर में बढ़ती आवारा कुत्तों की समस्या की ओर भी ध्यान आकर्षित कराया। कांग्रेस पार्षद सुमित त्यागी ने कहा कि यह समस्या सभी वार्डों में है। इस पर गंभीरता से काम होना चाहिए। सभी वार्डों में नियमित रूप से फॉगिंग कराये जाने का मुद्दा भी बोर्ड के सामने रखा गया। जिस पर इस पर जल्द कार्य शुरू करने का आश्वासन दिया गया।

बजट के के कुछ खास बिंदु
नगर निगम क्षेत्र के गांव सराय में फूड स्ट्रीट तैयार करने के लिए ढाई करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया। लाईट खरीद और मेंटीनेंस पर 12 करोड़ का बजट अनुमोदित किया गया, पिछले वित्तीय वर्ष में इस पर साढ़े आठ करोड़ रुपये खर्च हुए थे। बजट में नए वाहन खरीदने पर 2 करोड़ 66 लाख का रुपये का अनुमोदन किया गया। डीजल खर्च के बजट में भी एक करोड़ रुपये की बढ़ोतरी पिछले वित्तीय वर्ष के मुकाबले अधिक की गई है। घाटों की सफाई, चूना छिड़काव फॉगिंग आदि का बजट 8 करोड़ 97 लाख रुपये अनुमोदित किया गया, जो कि पिछले वित्तीय वर्ष में फरवरी माह तक 5 करोड़ 97 लाख रुपये था। टेलीफोन और इंटरनेट आदि के बिल पर 10 लाख का खर्च अनुमोदित किया गया है। पिछले वित्तीय वर्ष में फरवरी माह तक यह ढाई लाख से भी कम था।

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