उत्तराखंड में अवैध मदरसों के खिलाफ सरकार का अभियान जारी है। प्रदेशभर में अब तक बिना अनुमति चल रहे 110 मदरसों को सील कर दिया गया है। गुरुवार को उधम सिंह नगर जिले में 16 और हरिद्वार में दो अवैध मदरसों को सील कर दिया गया। जबकि इससे पहले देहरादून के विकास नगर, सहसपुर क्षेत्र में अवैध मदरसों पर ताला लगाया जा चुका है। इन मदरसों को ना तो उत्तराखंड मदरसा शिक्षा परिषद से अनुमति थी और ना ही वक़्फ बोर्ड के अधीन थे।
प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों में पाए गए अवैध मदरसे
उत्तराखंड में अवैध मदरसों के संचालन की मुख्यमंत्री को लंबे समय से शिकायत मिल रही थी। सीएम के निर्देश पर शासन ने जिला स्तर पर सभी मदरसों की जांच कराई,जिसमें सैकंडों मदरसे अवैध पाए गए। इसके बाद जिला स्तर पर टीम गठित कर अवैध मदरसों पर कार्रवाई शुरू की गई। अधिकांश अवैध मदरसों का संचालन प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्र में किया जा रहा था। हरिद्वार,उधम सिंह नगर और देहरादून,पौड़ी,नैनीताल में सबसे ज्यादा अवैध मदरसे पाए गए हैं जिन्हें सील किया गया है।
कार्रवाई के लिए प्रशासन को फ्री हैंड
सीएम धामी ने इन मदरसों पर कार्रवाई के लिए प्रशासन को फ्री हैंड दिया हुआ है, जिसका व्यापक असर भी देखने को मिल रहा है। पूरे प्रदेश में अवैध मदरसों के खिलाफ व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन ने इस बात की भी जांच शुरू कर दी है कि इतने बड़े पैमाने पर संचालित हो रहे इन अवैध मदरसों के पीछे किसका हाथ है और यहां पर छात्रों को किस प्रकार की तालीम दी जा रही थी।
प्रदेश के मूल स्वरूप को बिगड़ता नहीं दिया जाएगा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि प्रदेश के मूल स्वरूप के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जो भी धर्म की आड़ में अवैध गतिविधियों में संलिप्त होगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि इसके खिलाफ सरकार का अभियान जारी रहेगा। प्रदेश से अवैध गतिविधियों का सफाया किया जाएगा।