
कलक्ट्रेट में झण्डारोहण के पश्चात राष्ट्रगान- ’’जन गण मन…’’ तथा राष्ट्रगीत-’’वन्दे मातरम!’’ गाया गया। इसके बाद जिलाधिकारी ने सभी कार्मिकों को भारतीय गणतंत्र का संकल्प-’’हम, भारत के लोग, भारत को एक’( सम्पूर्ण प्रभुत्व-सम्पन्न समाजवादी पंथ निरपेक्ष लोकतांत्रिक गणराज्य) बनाने के लिये, तथा उसके समस्त नागरिकों को: सामाजिक, आर्थिक…….आत्मार्पित करते हैं।’’ दिलाया।

जिलाधिकारी हरिद्वार विनय शंकर पांडे ने कहा*
इस अवसर पर अपने सम्बोधन में जिलाधिकारी ने कहा कि 26 जनवरी,1950 को हमारा देश गणतंत्र घोषित हुआ था। उसी दिन से हमारा भारतीय संविधान लागू हुआ था। संविधान की प्रस्तावना का उल्लेख करते हुये उन्होंने कहा कि इसमें उल्लिखित शब्द केवल चन्द शब्द नहीं हैं, इनके बहुत गूढ़ अर्थ हैं। उन्होंने कहा कि अगर आप ध्यान से देखें, तो हमारा भविष्य का भारत कैसा होगा, किन किन विषयों को लेकर हमें आगे बढ़ना है, किस तरह की आजादी हमें चाहिये, किस तरह के न्याय की बात उसमें कहीं गयी है, शासन व्यवस्था कैसी हो, ये सब पूरे संविधान का सार प्रस्तावना में है। इसीलिये इसे संविधान की आत्मा कहा जाता है।

अपर जिलाधिकारी(वित्त एवं राजस्व) श्री वीर सिंह बुदियाल, अपर जिलाधिकारी (प्रषासन) श्री पी0एल0 शाह, भूमि अध्याप्ति अधिकारी सुश्री संगीता कनौजिया, उप जिलाधिकारी श्री गोपाल राम विनवाल, मुख्य कोषाधिकारी सुश्री नीतू भण्डारी, सहायक निर्वाचन अधिकारी श्री हरीष रावत, आपदा प्रबन्धन अधिकारी सुश्री मीरा कन्तूरा सहित सभी विभागों के अधिकारी/कर्मचारीगण उपस्थित थे।